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अजीत जोगी का इंफ्रारेड रेडिएशन से हो रहा इलाज

Posted: 15/05/2020 at 2:42 pm   /   comments (0)

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की हालत स्थिर बनी हुई है। जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार जोगी के मस्तिष्क को क्रियाशील करने एक और वैज्ञानिक तरीके का प्रयोग डॉक्टर कर रहे हैं। जोगी का इलाज अब इंफ्रारेड रेडिएशन के जरिए किया जा रहा है। गौरतलब है कि इसके पहले उनके मस्तिष्क को क्रियाशील करने के लिए ऑडियो थैरेपी से उपचार प्रारंभ किया गया था। वह भी चल ही रहा है। फिलहाल जोगी कोमा में हैं और उनके स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं है।

कैसे होता हैं इंफ्रारेड रेडिएशन से इलाज

इंफ्रारेड रेडिएशन अर्थात अवरक्त किरणें या अधोरक्त किरणें एक तरह का विद्युत चुंबकीय विकिरण है। जिसका तरंग दूरी(वेवलेंथ) प्रत्यक्ष प्रकाश से बड़ा होता है और सूक्ष्म तरंग से कम होता है। जानकारी के मुताबिक यह मानव द्वारा दर्शन योग्य लाल वर्ण से नीचे (या अध:) होती है। सामान्य शारीरिक तापमान पर मानव शरीर 10 माइक्रॉन की अधोरक्त तरंग प्रकाशित कर सकता है।

उपचार कर रहे चिकित्सकों को कहना है कि इस प्रक्रिया के पहले भाग में देखा जाता है कि मस्तिष्क के विजुअल पार्ट चित्रों को खोजने में किस तरह सक्रिय हो जाते हैं। मध्य स्टेज में दिमाग मेंटल एनिमेशन पर जोर देता है, जिसमें निर्धारित आइटम को सचित्र कार्यशील बनाता है। प्राय: देखा गया है कि इन कार्यो में दिमाग के तीन हिस्से- पेरिएटल (पाश्र्विका), टेंपोरल (लौकिक) और फ्रंटल (ललाट) कार्य करते हैं। आखिर में फ्रंटल और मोटर ब्रेन वाले क्षेत्र इमेजिनिंग के आधार पर सक्रिय होते हैं। इस दौरान सीखने की सभी चीजों को इस्तेमाल में लाया जाता है।

एफएमआरआइ यानी फंक्शनल मैग्नेटिक रिजॉनेंस इमेजिंग ब्रेन एक्टिविटी (मस्तिष्क के क्रियाकलापों) को मापने की प्रचलित तकनीक एमआरआइ का ही एक रूप है। यह ब्लड ऑक्सीजेनेशन और उसके बहाव में होने वाले बदलावों की पहचान करते हुए कार्य करता है, जो न्यूरल यानी तंत्रिका संबंधी गतिविधियों के कारण होती है। इस तरह का बदलाव खासकर तब होता है, जब दिमाग के सर्वाधिक सक्रिय क्षेत्र में रक्त के बहाव की मात्र बढ़ जाती है। नतीजन दिमाग के उस हिस्से में ऑक्सीजन ग्रहण करने की प्रक्रिया में तेजी आ जाती है।